प्रिय पाठकों
HP Exams Adda में आपका स्वागत है।1.एससीओ के सदस्य बने भारत-पाक
• भारत और पाकिस्तान शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के पूर्णकालिक सदस्य बन गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खतरे से निपटने और संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता को चोट पहुंचाए बिना संपर्क बढ़ाने के लिए एससीओ सदस्यों के बीच समन्वित प्रयासों का मजबूती से समर्थन किया।
• मोदी ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में उम्मीद जताई कि एससीओ परिवार में भारत के प्रवेश से आतंकवाद तथा क्षेत्र के सामने मौजूद अन्य चुनौतियों से निपटने की दिशा में इस समूह को नई गति मिलेगी।
• प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आतंकवाद मानवता के लिए बड़ा खतरा है।’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद और अतिवाद को परास्त करने के लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
• मोदी ने कट्टरपंथ, आतंकवादियों की भर्ती, प्रशिक्षण एवं वित्त पोषण समेत आतंकवाद के खतरे से निपटने के समन्वित प्रयासों पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता की भी बात की और कहा कि यह व्यापार एवं निवेश बढ़ाने के लिए अहम है।
• उन्होंने कहा, ‘‘एससीओ देशों के साथ हमारा सहयोग व्यापक है। हम संपर्क बढ़ाने पर और ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।’ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के सहयोग में संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता अहम कारक होने चाहिए।मोदी ने शिखर सम्मेलन के इतर शी से मुलाकात की।
• उन्होंने एक दूसरे की ‘‘मूल चिंताओं’ के सम्मान करने और विवादों को उचित तरीके से निपटाने की जरूरत पर जोर दिया। दोनों पक्षों को अपनी क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, संवाद को मजबूत करते हुए और अंतरराष्ट्रीय मामलों में तालमेल बढ़ाते हुए एक दूसरे की चिंताओं का सम्मान करना चाहिये तथा अपने विवादों का उचित तरीके से निपटारा करना चाहिए ।
2. भारत-मॉरीशस के बीच दिली रिश्ता : सुमित्रा महाजन
• मॉरीशस में भारतीय संसदीय शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को यहां राष्ट्रपति भवन (स्टेट हाउस) में मॉरीशस की राष्ट्रपति महामहिम बीबी अमीना गुरीब - फकीम से मुलाकात की।
• इस मुलाकात के दौरान महाजन ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच लंबे अरसे से बहुत अच्छे, अनुपम और विशेष संबंध रहे हैं। भारत और मॉरीशस के बीच दिलों और भावनाओं का रिश्ता है। दोनों देश मजबूत सांस्कृतिक संबंधों और सांझी विरासत के साथ एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
• उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मॉरीशस को अपना दूसरा घर मानते हैं।महाजन ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण भागीदारी और सहयोग है। भारत ने कर मामलों और ओसीआई से जुड़े मुद्दों जैसे अनेक क्षेत्रों में मॉरीशस को विशेष दर्जा दिया है।
• उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्लू इकॉनमी, मरीन शोध और शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें दोनों देशों के साझा हित हैं।
• मॉरीशस का विकास सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में हो सकता है ताकि यह गेटवे टू अफ्रीका के रूप में कार्य कर सके।महाजन ने वर्ष 2018 में मॉरीशस की स्वतंत्रता के पचासवें वर्ष के अवसर पर महामहिम अमीना गुरीब फकीम को बधाई दी। मॉरीशस की राष्ट्रपति ने भारत के साथ संबंधों की सराहना करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये संबंध और मजबूत होंगे।
• इस दौरान लोस अध्यक्ष ने मॉरीशस की राष्ट्रपति को भारत के संविधान की प्रति भेंट की ।इससे पहले महाजन अपने शिष्टमंडल के सदस्यों के साथ मॉरीशस के महत्वपूर्ण आकर्षण केन्द्रों में से एक, अप्रवासी घाट गई। यह वह जगह है, जहां 183 साल पहले भारत के 36 अप्रवासी श्रमिक एटलस नामक जहाज पर सवार होकर मॉरीशस आए थे।
• अप्रवासी घाट पर बने संग्रहालय का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि हमने राजाओं, महाराजाओं और विजेताओं के संग्रहालय तो देखें हैं, लेकिन इस संग्रहालय में श्रमिकों की कड़ी मेहनत को सम्मानित किया गया है और मॉरीशस के निर्माण में समाज के निम्नतम स्तर पर कार्यरत लोगों के योगदान को दर्शाया गया है।
• उन्होंने यह भी कहा कि मॉरीशस में लोग जिस प्रकार अपनी प्राचीन संस्कृति और विरासत का संरक्षण कर रहे हैं, वह नि:संदेह सराहनीय है। मॉरीशस की प्राचीन संस्कृति को दर्शाने के लिए एक भोजपुरी लोक संगीत कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
3. कनेक्टिविटी कूटनीति पर जुटा भारत
• ऐसा लगता है कि ‘वन बेल्ट-वन रोड’ (ओबीओआर) की नीति को आक्रामक कूटनीति के जरिये आगे बढ़ा रहे चीन से भारत ने भी सबक ले लिया है। चीन से लेकर मध्य एशियाई देशों को जोड़ते हुए यूरोप तक सड़क और रेल मार्ग बनाने की चीन की योजना का भारत उसी तर्ज पर तो जबाव न
हीं देने जा रहा है। लेकिन, दूसरे देशों को सड़क और अन्य मार्गो से जोड़ने की योजना को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है।
• इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्ताना शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान दूसरे देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और भारत से उन्हें जोड़ने के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की।
• भारत की योजना है कि ईरान में वह जो चाबहार पोर्ट बना रहा है, उससे मध्य एशियाई देशों को सड़क मार्ग से जोड़ दिया जाए। इससे न सिर्फ चाबहार पोर्ट को ज्यादा लाभकारी बनाया जा सकता है, बल्कि भारत में तैयार माल को बहुत कम समय में मध्य एशियाई देशों मसलन किरगिस्तान, उजबेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान आदि में पहुंचाया जा सकता है।
• मोदी ने जब शुक्रवार को कजाखिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव से मुलाकात की, तो दोनों के बीच चाबहार से तुर्कमेनिस्तान होते हुए कजाखिस्तान तक सड़क मार्ग बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। भारत पहले ही चाबहार से अफगानिस्तान को सड़क और रेल मार्ग से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है।
• इस परियोजना की समीक्षा मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घनी के बीच शुक्रवार को हुई मुलाकात में की गई।
• मध्य एशियाई देशों के अलावा भारत की तरफ से अन्य पड़ोसी देशों और दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों को सड़क व मार्गो से जोड़ने की योजनाओं को भी तेजी से बढ़ाने का निर्देश संबंधित मंत्रलयों को दिया गया है। दूसरे देशों के साथ जुड़ी परियोजनाओं की फाइलें सड़क परिवहन मंत्रलय, जहाजरानी मंत्रलय और रेलवे मंत्रलय से तेजी से आगे बढ़ने लगी है।
• अगले कुछ दिनों के भीतर नेपाल से भारत होते हुए बांग्लादेश तक निर्बाध सड़क मार्ग बनाने को लेकर तीनों देशों के बीच बैठक है।
• भूटान को भी इसमें शामिल करने के लिए मनाने की कोशिश हो रही है। देश के पूवरेत्तर हिस्से को म्यांमार और थाईलैंड से जोड़ने की योजना का समयबद्ध कार्यक्रम तैयार हो चुका है
4. समुद्री विवादों का हो शांतिपूर्ण समाधान : भारत
• दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन के आक्रामक रुख के बीच भारत ने सागरों में नौवहन की स्वतंत्रता एवं समुद्री विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की महत्ता दोहराते हुए कहा कि सागरों को ‘‘विवाद के क्षेत्रों’ में नहीं बदला जा सकता।
• विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने यहां महासभा में संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महासागरों के आसपास त्वरित एवं स्थायी आर्थिक विकास इस बात का सबूत है कि 21वीं सदी में आर्थिक इंजन नई दिशा में बढ़ रहे हैं।
• महासागर सम्मेलन पांच जून को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आरंभ हुआ था और आज इसका समापन होगा। संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार इस प्रकार का सम्मेलन आयोजित किया है।
• यह सम्मेलन वर्ष 2015 में सरकारों द्वारा पारित स्थायी विकास के एजेंडे 2030 में रेखांकित लक्ष्यों पर केंद्रित है।
• इसका लक्ष्य महासागरों एवं सागरों में तेजी से बढ़ते प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए ठोस समाधान खोजना है। विश्व महासागर दिवस के सम्मेलन को संबोधित करते हुए अकबर ने कहा कि 21वीं सदी को ‘‘समानता एवं संप्रभुता’ के सिद्धांत और वे लोग आकार देंगे जिनका मानना है कि एक समूह में झगड़े का कोई स्थान नहीं होता।
• उन्होंने कहा, ‘‘महासागरों के देशों को अकसर छोटा कहा जाता है। हम छोटे या बड़े में विास नहीं करते। हर देश संप्रभु है। क्षमताएं अलग हो सकती हैं लेकिन सभी देशों के पास समान अधिकार हैं।’ भारत का यह बयान दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच आया है।
• चीन लगभग संपूर्ण दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। अकबर ने कहा कि भारत का 7500 किलोमीटर तटीय क्षेत्र है जहां एक हजार से अधिक द्वीप हैं और एक तिहाई से अधिक भारतीय लोग तटों के पास रहते हैं।
• इसके मद्देनजर भारत महासागरों संबंधी चुनौतियों एवं अवसरों के बारे में अवगत है। अकबर ने चेताया कि मछलियां पकड़ने की अत्यधिक गतिविधियों, प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट दिख रहे हैं।
5. उल्टा पड़ा थेरेसा का दांव : ब्रिटेन चुनाव में किसी को बहुमत नहीं पर सरकार बना लेगी कंजव्रेटिव पार्टी
• ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे का ब्रेग्जिट र्चचाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए समय से पहले चुनाव कराने का दांव उल्टा पड़ गया और मतदाताओं ने उन्हें संसद में बहुमत नहीं दिया, जिसके बाद उनके तत्काल इस्तीफे की मांगें तेज हो गई।
• हालांकि थेरेसा की कंजव्रेटिव पार्टी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है।
• जेरेमी कोर्बिन के नेतृत्व में लेबर पार्टी के अच्छे प्र्दशन ने देश की राजनीति को संकट की स्थिति में डाल दिया है और 19 जून को निर्धारित ब्रेग्जिट वार्ता से पहले थेरेसा को एक जटिल स्थिति में पहुंचा दिया है। करीब करीब सभी 650 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें कंजव्रेटिव पार
्टी को 318 जबकि विपक्षी लेबर पार्टी को 261 सीटें मिली हैं और दोनों ही दल पूर्ण बहुमत के लिए जरूरी 326 सीटों के जादुई आंकड़े से दूर हैं।
• चुनाव पूर्ण अनुमानों में कंजव्रेटिव पार्टी को आसानी से बहुमत मिलने की बात कही जा रही थी, लेकिन उसकी चौंकाने वाली हार को अब ब्रिटिश मीडिया थेरेसा के अपने पद पर बने रहने के लिहाज से ‘‘‘‘शर्मिंदगी’’ की बात बता रहा है।
• अप्रैल में थेरेसा ने निर्धारित समय से तीन साल पहले इस साल जून में चुनाव कराने का आह्वान किया था ताकि वे व्यापक जनादेश के साथ ब्रेग्जिट र्चचाओं में हिस्सा ले सकें।
• चुनाव के नतीजे से आतंकवाद संबंधी बढ़ती घटनाओं के बीच देश में एक राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है।
• 37,780 वोट के साथ थेरेसा ने दक्षिण पूर्व इंग्लैंड के मेडनहेड सीट से चुनाव जीता। लेबर पार्टी के 68 वर्षीय नेता कोर्बिन ने थेरेसा से ‘‘पद छोड़ने’ की मांग करते हुए कहा कि वह ‘‘देश की सेवा करने के लिए तैयार हैं’, क्योंकि थेरेसा मध्यावधि चुनाव कराने की अपनी बाजी हार चुकी हैं। लेकिन थेरेसा ने इस्तीफा देने की संभावनाएं खारिज कर दीं।
• प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार थेरेसा महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से मिलने बकिंघम पैलेस जा रही हैं, जहां वह हाउस ऑफ कामंस में डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी (डीयूपी) के दस सांसदों के समर्थन के साथ अपने पार्टी के नई सरकार का गठन करने का दावा पेश करेंगी।
• विशाल बहुमत की उम्मीद धराशायी होने की बात मानते हुए थेरेसा ने कहा, ‘‘मेरा संकल्प वही है जो पहले था। परिणाम जो भी आए, कंजव्रेटिव पार्टी अब भी स्थिरता की पार्टी बनी रहेगी।’
• उन्होंने कहा कि देश को स्थिरता की आवश्यकता है और उनकी पार्टी यह ‘‘सुनिश्चित’ करेगी कि इसे बरकरार रखा जाए।
6. आधार की अनिवार्यता के कानून पर सुप्रीम मुहर
• आयकर रिटर्न दाखिल करने और पैन (स्थायी खाता संख्या) आवंटन के लिए आधार को अनिवार्य बनाने संबंधी कानून की वैधता को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बरकरार रखा। लेकिन संविधान पीठ के इससे जुड़े निजता के अधिकार (संविधान के अनुच्छेद 21) मामले का निपटारा किए जाने तक अदालत ने इसके कार्यान्वयन पर आंशिक रोक (स्टे) भी लगा दी।
• सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर यह होगा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड हैं उन्हें इसे पैन के साथ अनिवार्य रूप से लिंक करना होगा। लेकिन जिन लोगों ने आधार के लिए नामांकन करा लिया है और आधार कार्ड प्राप्त नहीं हुआ है, उन्हें इस प्रावधान से छूट प्रदान की गई है। लिहाजा दंड के तौर पर उनके पैन को अवैध करार नहीं दिया सकेगा।
• आयकर अधिनियम की धारा 139एए के तहत एक जुलाई, 2017 से आयकर रिटर्न दाखिल करने और पैन आवंटन के आवेदन में आधार या आधार आवेदन की नामांकन संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य है। इस धारा को इस साल पेश बजट और वित्त विधेयक, 2017 के माध्यम से अधिनियम में जोड़ा गया था।
• जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने इस कानून को बनाने की संसद की विधायी क्षमता को स्वीकार करते हुए कहा कि आयकर अधिनियम के इस प्रावधान और आधार अधिनियम में कोई टकराव नहीं है। पीठ ने कहा कि नए कानून पर आंशिक रोक से पुराने लेन-देन न तो प्रभावित होंगे और न ही अमान्य होंगे।
• अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने निजता के अधिकार और आधार योजना से मानव गरिमा प्रभावित होने संबंधी अन्य पहलुओं पर विचार नहीं किया है, क्योंकि इस पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ को फैसला करना है। अदालत ने सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने को कहा कि आधार योजना से आंकड़े किसी भी तरह लीक न हों, क्योंकि ऐसी संभावना व्यक्त की गई है कि आंकड़ों का दुरुपयोग किया जा सकता है।
• भाकपा नेता बिनोय विस्वाम ने सरकार के कदम का विरोध करते हुए याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि सरकार शीर्ष अदालत के 2015 के आदेश को कमतर साबित नहीं कर सकती जिसमें विशिष्ट पहचान संख्या को स्वैच्छिक करार दिया गया था। उनका यह भी कहना था कि सरकार को आयकर अधिनियम में यह धारा नहीं जोड़नी चाहिए थी।
• राजीव गांधी की टिप्पणी का जिक्र : पीठ ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वंचितों के लिए सरकार की ओर से भेजे एक रुपये में से सिर्फ 15 पैसे ही उन तक पहुंच पाते हैं। अदालत ने कहा कि आधार के जरिये इस दिक्कत को काफी हद तक दूर किया गया है।
7. राष्ट्रपति चुनाव : सरकार का पलड़ा भारी
• आगामी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अभी तक किसी उम्मीदवार का नाम तय होने से पहले ही भाजपा को जिस तरह से दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक दलों की ओर से समर्थन मिल रहा है उससे लगता है कि राष्ट्रपति का चुनाव सिर्फ रस्म अदायगी रह जाएगा।
• वास्तविक रूप में देखें तो राष्ट्रपति चुनाव में सरकार और विपक्ष के बीच कोई मुकाबला होने ही नहीं जा रहा है। इसलिए कि इस चुनाव में पड़ने
वाले वोटों के हिसाब से सरकार का पलड़ा विपक्ष की तुलना में काफी भारी है।
• आंध्र प्रदेश की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के नेता जगन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर राष्ट्रपति चुनाव में समर्थंन देने की औपचारिक रूप से घोषणा कर दी है। तेलंगाना में सरकार चला रही टीआरएस ने भी राष्ट्रपति चुनाव में सरकार को समर्थंन देने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।
• भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की इसे सफलता कहा जाना चाहिए। कांग्रेस और उसके समर्थक दल भी इन दोनों दलों का समर्थंन प्राप्त करने के लिए प्रयासरत थे। वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस दोनों ऐसे दल हैं जो औपचारिक रूप से न भाजपा वाले खेमे के साथ हैं और न कांग्रेस वाले खेमे के साथ। वाईएसआर कांग्रेस ने पिछले दिनों विपक्ष की बैठकों में भाग लिया था तो टीआरएस ने सरकार से नजदीकी दिखाई थी। अब भाजपा तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक का समर्थंन हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
• तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद से अन्नाद्रमुक दो भागों में बटी हुई है। विपक्ष सोचता था, कम से कम एक खेमा तो उसके साथ आ जाएगा, पर अब उसके भी आसार कम हीं हैं। दोनों खेमों का झुकाव भाजपा की तरफ है। उन्हें लगता है कि भाजपा सरकार का साथ देने से भविष्य में राजनीतिक फायदा अवश्य होगा।
• अन्नाद्रमुक के दोनों खेमों के बड़े नेता किसी न किसी वजह से सरकारी एजेंसियों से भय खाते हैं। दक्षिण के दलों का समर्थंन मिलने से भाजपा के लिए राष्ट्रपति का चुनाव काफी आसान हो जाएगा। अब तक भाजपा के पाले में 20 हजार वोटों की कमी बताई जा रही है वो दक्षिण के वोटों से आसानी से पूरी हो जाएगी।
• ऐसे में अगर विपक्ष अपना उम्मीदवार खड़ा करता भी है तो भाजपा को जीत के लिए आवश्यक वोट हासिल हो जाएंगे और उसे अपना उम्मीदवार जिताने में कोई मुश्किल नहीं आएगी।
8. विदेशी मुद्रा भंडार 381 अरब डालर के पार
• आरबीआई ने कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार दो जून को समाप्त सप्ताह में 2.404 अरब डालर बढ़कर 381.167 अरब डालर के सर्वकालिक रिकार्ड उच्च स्तर को छू गया जिसका कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों का बढ़ना है।
• इससे पूर्व के सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 54.7 करोड़ डालर घटकर 378.763 अरब डालर रह गया था। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियां 2.748 अरब डालर बढ़कर 357.290 अरब डालर हो गया।
• केंद्रीय बैंक ने कहा कि हालांकि स्वर्ण आरक्षित भंडार 34.32 करोड़ डालर घटकर 20.095 अरब डालर रह गया। आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ विशेष निकासी अधिकार दो लाख डालर घटकर 1.472 अरब डालर रह गया।
9. मार्च के अंत तक और बैंकों का विलय कर सकती है सरकार
• भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में छह बैंकों के विलय की सफलता से उत्साहित सरकार मार्च अंत तक और सरकारी बैंकों के विलय की योजना को मंजूरी दे सकती है।
• सरकार की योजना इस कदम से 4-5 वैश्विक स्तर के बैंक तैयार करने की है। एक अप्रैल 2017 से एसबीआई में इसके पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चुका है। इसी के साथ एसबीआई दुनिया के टॉप-50 बैंकों में से शामिल हो गया है।
• वित्त मंत्रालय अन्य सरकारी बैंकों पर भी विलय के इस मॉडल को लागू करने पर विचार कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके और वे वैश्विक बैंकों से प्रतिस्पर्धा कर सकें। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'विलय होना तय है। लेकिन फैसला भविष्य में वित्तीय मजबूती को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।
• यदि फंसे कर्ज (एनपीए) की स्थिति सही रहती है तो इस साल के अंत तक बैंकिंग सेक्टर में एक और बड़ा विलय देखने को मिल सकता है।'
• बीते वित्त वर्ष 2016-17 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान सरकारी बैंकों के फंसे कर्ज का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। और इसका आंकड़ा बढ़कर 6.06 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इनमें से बड़ा हिस्सा बिजली, स्टील, रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्सटाइल सेक्टर में है।
• वित्त मंत्री अरुण जेटली कई मौकों पर यह बात दोहरा चुके हैं कि भारत को वैश्विक स्तर के 5 से 6 बैंकों की जरूरत है। इनके विलय को लेकर सही समय पर फैसला लिया जाएगा।
• अधिकारी ने कहा, 'जब भी बैंकों का विलय होगा, तब संबंधित पक्षों को संज्ञान में लिया जाएगा। इनमें कर्मचारी और शेयरधारक भी शामिल होंगे।
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